Ads 468x60px

Jan 14, 2013

हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए - दुष्यंत कुमार | Motivational Hindi Poems

download hindi poem mp3,listen the famous motivational hindi poems by India Poets

हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,

इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।


आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी,

शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए।
हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में,
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए।
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।

-दुष्यंत कुमार


Listen To The MP3 Version Of This Poem

This incredible audio version of the Poem "Ho Kahin Bhi Aag Lekin Aag Jalni Chahiye-Dushyant Kumar" is brought to you by Jingles India as a tribute to our great poets.





कुछ अन्य अद्भुत प्रेरणादायी हिंदी कवितायेँ 

  1. वीर - रामधारी सिंह दिनकर | Veer - by Ramdhari Singh "Dinkar"

  2. मधुशाला - हरिवंशराय बच्चन | Madhushala In Hindi
  3. हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए - दुष्यंत कुमार | Motivational Hindi Poems
  4. चलना हमारा काम है - शिवमंगल सिंह 'सुमन' | Fabulous Inspirational Poem
  5. जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला, उस-उस राही को धन्यवाद-शिवमंगल सिंह 'सुमन'। Fabulous Hindi Poem
  6. एक बूँद - अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ | Fabulous Motivational Poem
  7. वीर - रामधारी सिंह दिनकर | Veer - by Ramdhari Singh "Dinkar"
  8. आज सडकों पर - दुष्यंत कुमार - अद्भुत हिंदी कविताएँ
  9. सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आयंगे |
  10. कर्मवीर - अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ | Motivational Poem
  11. अब तो पथ यही है - दुष्यंत कुमार - अद्भुत हिंदी कविताएँ 

7 comments :

  1. सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
    सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
    मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,
    हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।.........bahut khub......lekin mai sare readers se ek sawal puchhna chaunga kya sirf padh lene se aur chup baith jane se in panktiyon ka mulya kam nahi ho jata...kyo nahi hume kuchh karna chahiye samaj ke liye...is ghatiya shiksha vyavstha ko badlane ke liye..contact-7838898503

    ReplyDelete
  2. ya u r quite right, i m also with u......., me also wanna change this ghatiya shiksha vyavstha.......

    ReplyDelete
    Replies
    1. we should teach our generation to mend the .... custom which r going to worse gradually.

      Delete
  3. hame uss chiz se khush rahna cahiye jo hamare pas he



    ReplyDelete
  4. Esa desh mey se Cricket ko OUT kane ke lia Aagh jalini chayia.

    ReplyDelete