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Nov 15, 2011

स्वामी विवेकानन्द द्वारा कही गयीं उक्तियाँ | Great Quotations By Swami Vivekananda


स्वामी विवेकानन्द के व्याख्यान | स्वामी विवेकानन्द के वचन | स्वामी विवेकानन्द के सुविचार


§  उठो, जागो और तब तक रुको नही जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाये ।

-स्वामी विवेकानन्द

§  जो सत्य है, उसे साहसपूर्वक निर्भीक होकर लोगों से कहोउससे किसी को कष्ट होता है या नहीं, इस ओर ध्यान मत दो। दुर्बलता को कभी प्रश्रय मत दो। सत्य की ज्योति बुद्धिमानमनुष्यों के लिए यदि अत्यधिक मात्रा में प्रखर प्रतीत होती है, और उन्हें बहा ले जाती है, तो ले जाने दोवे जितना शीघ्र बह जाएँ उतना अच्छा ही है।

-स्वामी विवेकानन्द

§  तुम अपनी अंत:स्थ आत्मा को छोड़ किसी और के सामने सिर मत झुकाओ। जब तक तुम यह अनुभव नहीं करते कि तुम स्वयं देवों के देव हो, तब तक तुम मुक्त नहीं हो सकते।

-स्वामी विवेकानन्द

§  ईश्वर ही ईश्वर की उपलब्थि कर सकता है। सभी जीवंत ईश्वर हैंइस भाव से सब को देखो। मनुष्य का अध्ययन करो, मनुष्य ही जीवन्त काव्य है। जगत में जितने ईसा या बुद्ध हुए हैं, सभी हमारी ज्योति से ज्योतिष्मान हैं। इस ज्योति को छोड़ देने पर ये सब हमारे लिए और अधिक जीवित नहीं रह सकेंगे, मर जाएंगे। तुम अपनी आत्मा के ऊपर स्थिर रहो। 

-स्वामी विवेकानन्द

§  ज्ञान स्वयमेव वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है।

-स्वामी विवेकानन्द

§  मानव-देह ही सर्वश्रेष्ठ देह है, एवं मनुष्य ही सर्वोच्च प्राणी है, क्योंकि इस मानव-देह तथा इस जन्म में ही हम इस सापेक्षिक जगत् से संपूर्णतया बाहर हो सकते हैंनिश्चय ही मुक्ति की अवस्था प्राप्त कर सकते हैं, और यह मुक्ति ही हमारा चरम लक्ष्य है।

-स्वामी विवेकानन्द

§  जो मनुष्य इसी जन्म में मुक्ति प्राप्त करना चाहता है, उसे एक ही जन्म में हजारों वर्ष का काम करना पड़ेगा। वह जिस युग में जन्मा है, उससे उसे बहुत आगे जाना पड़ेगा, किन्तु साधारण लोग किसी तरह रेंगते-रेंगते ही आगे बढ़ सकते हैं।

-स्वामी विवेकानन्द

§  जो महापुरुष प्रचार-कार्य के लिए अपना जीवन समर्पित कर देते हैं, वे उन महापुरुषों की तुलना में अपेक्षाकृत अपूर्ण हैं, जो मौन रहकर पवित्र जीवनयापन करते हैं और श्रेष्ठ विचारों का चिन्तन करते हुए जगत् की सहायता करते हैं। इन सभी महापुरुषों में एक के बाद दूसरे का आविर्भाव होता हैअंत में उनकी शक्ति का चरम फलस्वरूप ऐसा कोई शक्तिसम्पन्न पुरुष आविर्भूत होता है, जो जगत् को शिक्षा प्रदान करता है।

-स्वामी विवेकानन्द

§  आध्यात्मिक दृष्टि से विकसित हो चुकने पर धर्मसंघ में बना रहना अवांछनीय है। उससे बाहर निकलकर स्वाधीनता की मुक्त वायु में जीवन व्यतीत करो।

-स्वामी विवेकानन्द

§  मुक्ति-लाभ के अतिरिक्त और कौन सी उच्चावस्था का लाभ किया जा सकता है? देवदूत कभी कोई बुरे कार्य नहीं करते, इसलिए उन्हें कभी दंड भी प्राप्त नहीं होता, अतएव वे मुक्त भी नहीं हो सकते। सांसारिक धक्का ही हमें जगा देता है, वही इस जगत्स्वप्न को भंग करने में सहायता पहुँचाता है। इस प्रकार के लगातार आघात ही इस संसार से छुटकारा पाने की अर्थात् मुक्ति-लाभ करने की हमारी आकांक्षा को जाग्रत करते हैं।

-स्वामी विवेकानन्द

§  हमारी नैतिक प्रकृति जितनी उन्नत होती है, उतना ही उच्च हमारा प्रत्यक्ष अनुभव होता है, और उतनी ही हमारी इच्छा शक्ति अधिक बलवती होती है।

-स्वामी विवेकानन्द

§  मन का विकास करो और उसका संयम करो, उसके बाद जहाँ इच्छा हो, वहाँ इसका प्रयोग करोउससे अति शीघ्र फल प्राप्ति होगी। यह है यथार्थ आत्मोन्नति का उपाय। एकाग्रता सीखो, और जिस ओर इच्छा हो, उसका प्रयोग करो। ऐसा करने पर तुम्हें कुछ खोना नहीं पड़ेगा। जो समस्त को प्राप्त करता है, वह अंश को भी प्राप्त कर सकता है।

-स्वामी विवेकानन्द

§  पहले स्वयं संपूर्ण मुक्तावस्था प्राप्त कर लो, उसके बाद इच्छा करने पर फिर अपने को सीमाबद्ध कर सकते हो। प्रत्येक कार्य में अपनी समस्त शक्ति का प्रयोग करो।

-स्वामी विवेकानन्द

§  सभी मरेंगे- साधु या असाधु, धनी या दरिद्र- सभी मरेंगे। चिर काल तक किसी का शरीर नहीं रहेगा। अतएव उठो, जागो और संपूर्ण रूप से निष्कपट हो जाओ। भारत में घोर कपट समा गया है। चाहिए चरित्र, चाहिए इस तरह की दृढ़ता और चरित्र का बल, जिससे मनुष्य आजीवन दृढ़व्रत बन सके।

-स्वामी विवेकानन्द

§  संन्यास का अर्थ है, मृत्यु के प्रति प्रेम। सांसारिक लोग जीवन से प्रेम करते हैं, परन्तु संन्यासी के लिए प्रेम करने को मृत्यु है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम आत्महत्या कर लें। आत्महत्या करने वालों को तो कभी मृत्यु प्यारी नहीं होती है। संन्यासी का धर्म है समस्त संसार के हित के लिए निरंतर आत्मत्याग करते हुए धीरे-धीरे मृत्यु को प्राप्त हो जाना।

-स्वामी विवेकानन्द

§  हे सखे, तुम क्योँ रो रहे हो ? सब शक्ति तो तुम्हीं में हैं। हे भगवन्, अपना ऐश्वर्यमय स्वरूप को विकसित करो। ये तीनों लोक तुम्हारे पैरों के नीचे हैं। जड की कोई शक्ति नहीं प्रबल शक्ति आत्मा की हैं। हे विद्वन! डरो मत्; तुम्हारा नाश नहीं हैं, संसार-सागर से पार उतरने का उपाय हैं। जिस पथ के अवलम्बन से यती लोग संसार-सागर के पार उतरे हैं, वही श्रेष्ठ पथ मै तुम्हे दिखाता हूँ! (वि.स. ६/८)

-स्वामी विवेकानन्द

§  बडे-बडे दिग्गज बह जायेंगे। छोटे-मोटे की तो बात ही क्या है! तुम लोग कमर कसकर कार्य में जुट जाओ, हुंकार मात्र से हम दुनिया को पलट देंगे। अभी तो केवल मात्र प्रारम्भ ही है। किसी के साथ विवाद न कर हिल-मिलकर अग्रसर हो -- यह दुनिया भयानक है, किसी पर विश्वास नहीं है। डरने का कोई कारण नहीं है, माँ मेरे साथ हैं -- इस बार ऐसे कार्य होंगे कि तुम चकित हो जाओगे। भय किस बात का? किसका भय? वज्र जैसा हृदय बनाकर कार्य में जुट जाओ।
(विवेकानन्द साहित्य खण्ड-४पन्ना-३१५) (४/३१५)

-स्वामी विवेकानन्द

§  तुमने बहुत बहादुरी की है। शाबाश! हिचकने वाले पीछे रह जायेंगे और तुम कुद कर सबके आगे पहुँच जाओगे। जो अपना उध्दार में लगे हुए हैं, वे न तो अपना उद्धार ही कर सकेंगे और न दूसरों का। ऐसा शोर - गुल मचाओ की उसकी आवाज़ दुनिया के कोने कोने में फैल जाय। कुछ लोग ऐसे हैं, जो कि दूसरों की त्रुटियों को देखने के लिए तैयार बैठे हैं, किन्तु कार्य करने के समय उनका पता नही चलता है। जुट जाओ, अपनी शक्ति के अनुसार आगे बढो।इसके बाद मैं भारत पहुँच कर सारे देश में उत्तेजना फूँक दूंगा। डर किस बात का है? नहीं है, नहीं है, कहने से साँप का विष भी नहीं रहता है। नहीं नहीं कहने से तो 'नहीं' हो जाना पडेगा। खूब शाबाश! छान डालो - सारी दूनिया को छान डालो! अफसोस इस बात का है कि यदि मुझ जैसे दो - चार व्यक्ति भी तुम्हारे साथी होते -

-स्वामी विवेकानन्द

§  तमाम संसा हिल उठता। क्या करूँ धीरे - धीरे अग्रसर होना पड रहा है। तूफ़ान मचा दो तूफ़ान! (वि.स. ४/३८७)

-स्वामी विवेकानन्द

§  जीस प्रकार स्वर्ग में, उसी प्रकार इस नश्वर जगत में भी तुम्हारी इच्छा पूर्ण हो, क्योंकि अनन्त काल के लिए जगत में तुम्हारी ही महिमा घोषित हो रही है एवं सब कुछ तुम्हारा ही राज्य है। (वि.स.१/३८७)

124 comments :

  1. युवा शक्ति के इस महान प्रणेता को शत शत वंदन है...बेहतरीन कलेक्शन के लिये आपका साधुवाद

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  2. मैं सत् सत् नमन करता हू स्वामी जी को...

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  3. http://www.youtube.com/watch?v=EdLq5omKln0
    जो सबका दास होता है, वही उन्का सच्चा स्वामी होता है।

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  4. Thanks Abhijeet and Naveen..SwamiJi has always been a great source of motivation for us..

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  5. Swami vivekanand was a great person.....(:

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  6. Hi Amit,
    Great leaders like Swamiji are Immortal, there blessings are always for us :).

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  7. a loh purush tu rota kyu hai,
    aankhon ke ye heere moti,
    yu mitti me khota kyu hai,
    mukt pade path sare tere,
    dharti,sindh,sitare tere,
    daas kisi ka hota kyu hai,
    a loh purush tu rota kyu hai:)

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    1. zindagi ki bhag doud may apni chahto ko bhool chala hai insaan,
      khushiyo ka samandar paas may hai ,kahi aur dhoond chala hai insaan

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  8. Hi shalu thank you for providing such a fabulous poem. Please let me know the source and author of the poem so that I can publish it in this blog with due credit. Thanks.

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  9. jindagi me do chij me se ek pasand karo "ya to pasandidar kam karo ya fir kam ko pasand karo".

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  10. jai maa bharti
    swami vivekanand ji wakai me aaj aapki jarurat hain
    me yeh wada krta hu me aapke updesho pr jarur khra utrunga
    jai hoooo
    from rahul indian vyas

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  11. Jai Hind !!!

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  12. yes friendz.. we are the pupil's of great swami vivekanand

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  13. pankaj joshi9/07/2012 7:10 PM

    very nice block

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  14. very nice i like hole website.thanks to sharing valuable your time for us.

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  15. Thank u for sharing such motivating quotes

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  16. http://www.vivekananda150jayanti.org/
    join the grand celebration of 150th anniversary of vivekananda.
    thousands of activities for youths!
    for detail see website.
    http://www.vivekananda150jayanti.org/

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  17. swami vivekanand was a great person .................

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  18. hum na marain ,mare sansara,humko mila h jiyavanhara....muze to mhan log mil gaye ..ab to main kese b na maru

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  19. Swan hamare hamesha hi prerna short rahe hai. unki yeh vichar yugo,yogu tak utne hi prasangik rahege jaise un dino me the.

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  20. KAHTE HAI DUNIYA GOAL HAI PER LOG TEDE MEDE HAI. IS IT TRUE OR WRONG? ANYBODY KNOW IT. TO PLZ MUJHE EXPLAINE KARE.

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  21. good and motivational

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  22. REALLY SWAMIJI WILL GUIDE IN FUTURE FOR US.....

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  23. jo swami vivekananda ko follow karenga wo bhi ek din greatman ban jayenga trust me..

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  24. Prashant Kushwaha12/04/2012 2:02 PM

    Swami Vivekanand ne yuva pidhi ko ek nayi soch di hai

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  25. स्वामी विवेकानन्द हमे हर कदम पर प्रेरणा देते है

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  26. Honorable Swamiji always with us , in our mind, in our voice and in our work ....Jay Hind.....this is my beginning....i am not think about my end...bcz i too a soul.............@rakesh Sonar

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  27. every words help to ignite mind..!!! hope every1 be a lile swamilji and change the world...!!!

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  28. It's really needful for us. thanks!!:)

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  29. hats off those people who read this...

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  30. swami ji ke karan hi hmare desh ko ek pahchan mili, ham unke aajiwan aabhari rahenge

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  31. aaj swami ji k marg darsan ki jaroorat hai desh k youvao ko

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  32. rajneet ko disa milni chahiye vo nahi mil pa rahi hai

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  33. delhi me jo hua uska sirf ek karan hai ki hum logo k collageo me ab swami ji k koi bhi program na hona.

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  34. sangharso ke saayo me asli azadi palti he
    itihaas udhar mud jata he jis or jawani chlti he.
    swami ji ko sat sat naman

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  35. very will said Nitish. :)..Thanks for adding the fabulous quotation.

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  36. I AM VERY VERY LOVE SWAMI JI
    CHANDRAJEET MAURYA

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  37. Chetana Sharma1/11/2013 5:18 PM

    Swami Vivekananda is great.May their blessings be always with us.He is an ideal for us.We all love him.

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  38. this gives inspiration to everybody i.e. to younger or older generation

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  39. aaj kuchh dikh raha h is sansar me,janam ki aankhe kaam nahi aayi is sansar me,swami ji aap divya soch apane guru se prapt kar hume de rahe h,JAI SHREE RAM,m karunga jo aapane dhikhaya

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  40. ankit parashar1/22/2013 3:10 PM

    Hindusthani Mitee me hera chamakna is normal

    Kyo such hai na



    ankit parashar

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  41. hi,i ill try to follow swami ji instruction in practicle life.hopefully god bless to me and to all.

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  42. forget d swami ji, left d all quotations, which inspire u or others dey only ignite u while reading dese quotation or such a short period, if u truly wanna get inspire than inspire by own-self.
    "Sochna chhod do, Bolna chhodna chhod,
    sirf ab karke dikhaoo" khud ko pehchano
    tum hi servshaktimaan ho......,
    SWAMI-VIVEKANANDA PRO

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  43. main es vachan se bahoot sikha aur sikhte rahunga....auron ko sikhunga.....yahi hamara viswas hai....

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  44. meri antim echa yahi ki apse jo bhe sekhu use apne jevan me utar saku
    mi apko sat sat naman karta hu

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  45. एक बार में इतना ज्यादा उक्ति न दें. 10 या 15 चलेगा.

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  46. NIRAJ ISHWAR GAIKWAD3/10/2013 4:11 PM

    THANK'S SWAMI JI IS A GREAT MOTIVATION

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  47. very good quatation of swami vivekanand

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  48. akele raho,akele raho...jo akela rahta hai,uska kisi se virodh nai hota ,wo kisi ka shanti bhang nai karta....na dusra koi uski shanti bhang karta hai.......

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  49. Swami vivekananda was a storm .again we need you swami ji to awaken this samaaj ......

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  50. this gives inspiration to everyperson i.e. to younger or older generation

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  51. hame aaj samajhdari ki jarurat hai.hame naye jamane ki un bato aur chijo ko apnana chahiye jo hamare swasthya,samaj,ekta aur arthik sampannata ke liye labhdayak ho.tv me add dekhakar andhi daur me samil hona pagalpan hai.

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  52. Nice inspirational quote ! thanks

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  53. swami vivekanand is man supper vivek esliye to unka narendra se vivekanad hua.

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  54. swami vivekanand is man supper vivek esliye to unka narendra se vivekanad hua.

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  55. prabhu hame itni shakti do ki hum mahapurushon ki sewa kar ske avam is sansar ke kaam aaye

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  56. chandan singh5/15/2013 3:11 PM

    swami vivekanand was a super person. Thanks a lot.....

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  57. HAMESHA AMAR RAHEGA SWAMI JI KE IDEAS YUGO-2 ME LOG INSE PRERNA LETE RAHENGE

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  58. jab tak mansil prapt nahi ho usska piccha nahi chhodana chahiye

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  59. sawamy vivekananda blogs se aage badne ki parena milti h ..or zindagi mai jine ki himmat aa jati h............very nice

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  60. Thanks a lot for such a wonderful thought. It will certainly helps the whole humankind.

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  61. Ramnath Prajapati7/02/2013 9:38 AM

    me sat sat naman karta hu Swamaji .............

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  62. me swami ji ko sat sat naman karta hu..........................

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  63. me swami ji ke vicharo ko apne jivan me apnaugi
    jai visv guru swamiji

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  64. hi i,m vandana
    swami Vivekananda Wise thoughts by a wise person. Thank a lot.

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  65. swami vivekanand is a sociol worker.

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  66. This comment has been removed by the author.

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  67. sir agar aap ke bato ko ham sbhi log apne-apne jevan me utar le to sayad hm dharti par he svarg ke klpna kar sakte hain.

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  68. ajay pal the student of NMSN Das college Budaun7/28/2013 10:01 AM

    if swami vivekanand jee were alive now-a-days . our India would the Guru of the world .

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  69. only listen to ur environment dont think. than u feel all real.

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  70. jai hind...................jaberdast..............

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    Replies
    1. Dharmendra Kumar Banpela ( C.G.)8/31/2013 8:14 PM

      Swami ji aaj desh ko put ki jarurat h,
      Aj har 'MAA' ko apke jaise saput ki jarurat h...
      'JAI HIND'

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  71. Thank You Everyone for Overwhelming response. Please like our facebook page and stay updated about new posts published on the site.

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  72. if we all say that Swami ji was a great man? No, it will be offence of Swami ji.Swami ji is a our soul and symbol of Hindutwa and symbol of Yuva.

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  73. Swamiji ke bataye huye raston par chalkar,Unke Adarsho aur siddhanton ko jeevan me utarkar,safal aur suddradh jevan ki kalpana ko sakar kar sakte hai............

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  74. Swami Vivekanand hamare Hindi,Hindu aur Hindutva ki pahachan hai, Swamiji ke bataye raston par chalkar, Unke Vicharon aur Adarshon ko jeevan me utarkar hum apane Jeevan aur Rastra ko Suddradh aur Shaktishali bana sakte hai.........

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  75. Anurag shukla8/26/2013 4:15 PM

    Swami ji was a great man

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  76. swami ji aap hum yuva senao ke le ek insperetion ho hum aap ke vhicharo pe khare utrange

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  77. siwami g ke vicharoko aaj se chalu..

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  78. siwami g ke vicharoko aaj se chalu..jk Ranka Raj GARHWA JHARKHAND

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  79. Ennergeticc

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  80. I"LL ALWAYS FOLLOW TO MY FAVOURIT GUIDER

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  81. Thank you Everyone for your comments,thoughts and inputs..Do like and share the posts with your friends and family.

    Also lIke our facebook page and google+ page to support us..

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  82. please write the quotes by swami about Doctors

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  83. aapke quotes ki har yuva ko jarurt hai.........

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  84. Hamare des ki jo halat he aabhi use dhayan me rkhte hue sabko jo des ka bhala chate he na keval aapna ase logo ko jagne ki jarurat he dar ne ki nahi thenks

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  85. THANK A LOT..... SWAMI JI ONE OF THE BEST PHILOSPHER WHO GUIDE US

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  86. KAS SWAMI JI DOBARA JANAM LE PATE

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  87. THANK A LOT..... SWAMI JI ONE OF THE BEST PHILOSPHER WHO GUIDE US

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  88. There is no word I have to describe my feeling bcz its pure & pure truth of our life we should apply these thoughts then we will see different civilization..

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  89. Good quitos

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  90. If somebody follow him he/she definitely success

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  91. Swami ji jesa koi aur nahi..

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  92. Swami ji jaisa duniya me kou nahi tha aur na koi hoga..........mai unko god se bui jyda samman deta hu .....wo amar rahe

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  93. Superb...collection nd nice thought ...

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  94. sawami ji jase maha purus aaj tak pyeda nahi hoe

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  95. Swami jI Dhanya ho apko or Apke Gourav ko jo apne is duniya me kuch hi samay me ho kai salo me ni kr pate or es yuvao ko itna utsha diya jay ho tumhari aise mahan desh bhakt ko me bar-2 naman krta hu or ummeed krta hu ki apke krtvy ka palan karu

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  96. this is extremely helpful......amazing.........

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  97. REAL MAN WHO CAN EVERY THING

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  98. i selute the men of inspiration

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    1. acharya kaushik maharaj4/09/2014 11:22 AM

      Swamiji rastra ki dharoar or manwata ke pujari theye.

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  99. salute to swami vivekanand ji for inspiring many peoples like me....

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  100. acharya kaushik maharaj4/09/2014 11:05 AM

    Swami ji jeise mahapuruso ka dharti maa intjar karti hei. Swami ji aaj bhi hei. Age bhi rahenge.

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  101. very nice statements of Vivekananda

    ...........................

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  102. PADNE MATRA SE HI HRIDAYA ME SHAKTI SANCHAR HO GAYA HAI...................AAP JAISE MAHAPURUSH KO KOTI KOTI PRANAM..........

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  103. how wer luckiest those who got d chance to serve d swamiji during his struggle for upliftment our existent to globe like swami sadananda swami ji

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  104. I love Swamiji for his religious speech in US.

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  105. This gives inspiration to every person i.e. to younger or older generation. Thanks for posting such great Swami ji thoughts.

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