Birbal Ki Khichadi ~ Akbar And Birbal Stories In Hindi | बीरबल की खिचड़ी ~ अकबर और बीरबल की कहानियाँ

Birbal Ki Khichdi Story in Hindi,Birbal ki khichadi kahani,हिंदी में पढ़े बीरबल के किस्से, हिंदी कहानी :बीरबल की खिचड़ी Birbal Ki Khichdi,दोस्तों आप सब ने हिंदी में एक कहावत सुनी होगी "बीरबल की खिचड़ी पकाना ", क्या आप जानते हैं कि इस कहावत के पीछे एक दिलचस्प कहानी है. ये कहानी अकबर -और उनके नवरत्न बीरबलसे जुडी है . इसी कहानी के आधार पर प्रसिद्द कहावत "बीरबल की खिचड़ी पकाना" का उपयोग शुरू होता आया है . कहानी इस प्रकार है

बीरबल की खिचड़ी ~ Birbal Ki Khichdi Story In Hindi

birbal ki khichadi hindi kahani, birbal ki khichadi kahani, birbal ki khichadi story in hindi


दोस्तों आप सब ने हिंदी में एक कहावत सुनी होगी "बीरबल की खिचड़ी पकाना ", क्या आप जानते हैं कि इस कहावत के पीछे एक दिलचस्प कहानी है। ये कहानी अकबर और उनके नवरत्न बीरबल से जुडी है। इसी कहानी के आधार पर प्रसिद्द कहावत "बीरबल की खिचड़ी पकाना" का उपयोग शुरू होता आया है। कहानी इस प्रकार है:

एक दिन बादशाह अकबर ने घोषणा की, कि जो आदमी सर्दी के इस मौसम में नदी के ठण्डे पानी में रात-भर खड़ा रहेगा, उसे शाही खजाने से पुरस्कृत किया जायेगा।

इस घोषणा को सुनकर एक गरीब धोबी ने सारी रात नदी में खड़े-खड़े बिता दी और अगले दिन बादशाह के दरबार में आकर इनाम मांगने लगा।

बादशाह ने उस धोबी से सवाल किया, क्या तुम बता सकते हो किस शक्ति के सहारे तुम रात नदी में खड़े रहे ?

धोबी ने अदब के साथ जवाब दिया, आलमपनाह, मैं कल सारी रात महल की छत पर जलते हुए चिराग को देखते रहा।

उसी की शक्ति से मैं सारी रात नदी में खड़ा रह सका।
[post_ads]
बादशाह ने उसका जवाब सुनकर कहा, इसका मतलब तो यह हुआ की महल की रोशनी की आंच की गरमी के कारण तुम सारी रात पानी में खड़े रह सके, इसलिए तुम इनाम के सच्चे हकदार नहीं हो सकते।

धोबी उदास हो गया और बीरबल के पास जाकर निराशा भरे स्वर में बोला, दरबार में बादशाह ने इनाम देने से इंकार कर दिया है। धोबी ने इसका कारण भी बीरबल को बता दिया।

बीरबल ने गरीब धोबी को सांत्वना देकर घर भेज दिया। बादशाह ने अगले दिन बीरबल को दरबार में न पाकर एक खादिम को उन्हें बुलाने के लिए भेजा।

खादिम ने उन्हें आकर सूचना दी, बीरबल ने कहा है कि जब उनकी खिचड़ी पूरी पक जाएगी तभी वह दरबार में आ सकेंगे।

बादशाह को यह सुनकर बड़ा अचरज हुआ। वह अपने दरबारियों के साथ बीरबल के घर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि दो लम्बे बांसों के ऊपर एक हंडिया में चावल रखकर उसे लटकाया गया है और नीचे जमीन पर आग जल रही है।

बादशाह ने तत्काल पूछा, बीरबल, यह क्या तमाशा है ?

क्या इतनी दूरी पर रखी हंडिया में खिचड़ी पक जाएगी ?

हुजूर जरूर पक जाएगी। बीरबल ने उत्तर दिया।

कैसे ? बादशाह ने कौतूहलवश पूछा ?

जहाँपनाह बिल्कुल वैसे ही जैसे महल के ऊपर जल रहे दिये की गर्मी के कारण धोबी सारी रात नदी के पानी में खड़ा रहा। बीरबल ने कहा।

बादशाह अकबर बीरबल का यह तर्कसंगत उत्तर सुनकर लज्जित हुए।

उन्होंने तुरन्त धोबी को ढूंढ लाने और पुरस्कृत करने का आदेश जारी कर दिया। 

जब लोगों को ये बात पता चली तभी से  "बीरबल की खिचड़ी " एक कहावत के रूप में प्रचलित हो गयी। जिसका सीधा-सा-अर्थ यह है कि किसी आसान काम को बहुत मुश्किल बताना या फिर किसी छोटे से काम को करने में बहुत अधिक समय लगा देना|

अकबर-बीरबल की सम्पूर्ण कहानियों को पढ़ें:

COMMENTS

BLOGGER: 9
आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! अपनी प्रतिक्रियाएँ हमें बेझिझक दें !!

Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE खोजें ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content