23

महापुरुषों के अनमोल वचन  




ब्रह्माज्ञानी को स्वर्ग तृण है, शूर को जीवन तृण है, जिसने इंद्रियों को वश में किया उसको स्त्री तृण-तुल्य जान पड़ती है, निस्पृह को जगत तृण है


सबसे उत्तम तीर्थ अपना मन है जो विशेष रूप से शुद्ध किया हुआ हो
-स्वामी शंकराचार्य


कर्म, ज्ञान और भक्ति का संगम ही जीवन का तीर्थ राज है |
-दीनानाथ दिनेश


तपस्या धर्म का पहला और आखिरी कदम है |


अपनी पीड़ा सह लेना और दूसरे जीवों को पीड़ा न पहुंचाना, यही तपस्या का स्वरूप है|
-संत तिरुवल्लुवर


सत्याग्रह बल से नहीं ,हिंशा के त्याग से होता है |
-महात्मा गाँधी 


लोग चाहे मुट्ठी भर हों,  लेकिन संकल्पवान हों, अपने लक्ष्य में दृढ आस्था हो, वे इतिहास को भी बदल सकते हैं 
-महात्मा गाँधी


हर आदमी कहता है की मैं अच्छा हूँ, लेकिन लोग क्या मानते हैं यह महत्वपूर्ण है |


खुशियों को दामन में भरने पर वह थोड़ी सी लगती हैं, लेकिन यदि उन्हें बांटा जाये तो वे और ज्यादा बड़ी नजर आती हैं |
-अज्ञात 


उठो जागो और लक्ष्य तक मत रुको|


सत्य से बड़ा तो इश्वर भी नहीं |


दो की दोस्ती में एक का धर्य जरुरी है |
-अज्ञात 


किसी को माफ़ करना कमजोरी नहीं वरन सामर्थ्यवान ही ऐसा कर सकता है |
-महात्मा गाँधी 



मेहनत करने से दरिद्रता नहीं रहती, धर्म करने से पाप नहीं रहता, मौन रहने से कलह नहीं होता |



क्रोध ऐसी आँधी है जो विवेक को नष्ट कर देती है|
- अज्ञात



मुठ्ठी भर संकल्पवान लोग जिनकी अपने लक्ष्य में दृढ़ आस्था है, इतिहास की धारा को बदल सकते हैं|
- महात्मा गांधी



हज़ार योद्धाओं पर विजय पाना आसान है, लेकिन जो अपने ऊपर विजय पाता है वही सच्चा विजयी है|
- गौतम बुद्ध



मन एक भीरु शत्रु है जो सदैव पीठ के पीछे से वार करता है|
- प्रेमचंद



अपने को संकट में डाल कर कार्य संपन्न करने वालों की विजय होती है, कायरों की नहीं|



विश्वास वह पक्षी है जो प्रभात के पूर्व अंधकार में ही प्रकाश का अनुभव करता है और गाने लगता है|
- रवींद्रनाथ ठाकुर


ऐसे देश को छोड़ देना चाहिए जहाँ धन तो है लेकिन सम्मान नहीं|
 -विनोबा 


अछे  सब्दों के प्रयोग से बुरे लोगों का भी दिल जीता जा सकता है|
- भगवान बुद्ध


मनुष्य का सबसे बड़ा यदि कोई शत्रु है तो वह है उसका अज्ञान|
 - चाणक्य 


इच्छाएं ही सब दुखों का मूल कारण है|
- भगवान बुद्ध


यदि मार्ग काँटों भरा हो, और आप नंगे पांव हो तो रास्ता बदल लेना चाहिए|


वाणी के बजाय कार्य से दिए गए उदहारण कहीं ज्यादा प्रभावी होते हैं.|
 -अज्ञात 


मनुष्य का पतन कार्य की अधिकता से नहीं वरन कार्य की अनियमतता से होता है |
- अज्ञात


कायर आदमी अपनी मौत से पहले न जाने कितनी बार मरता है |
- अज्ञात 


जो सभी का मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता |
- ओशो  


क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात कहने के बजाय दूसरों के ह्रदय को ज्यादा दुखाता है। 
-मुंसी प्रेमचंद


सारा हिन्दुस्तान गुलामी में घिरा हुआ नहीं है। जिन्होंने पश्चिमी शिक्षा पाई है और जो उसके पाश में फँस गए हैं, वे ही गुलामी में घिरे हुए हैं।
  -महात्मा गाँधी


मानव जीवन धूल की तरह होता है, हम इसे रो-धोकर  इसे कीचड़ बना देते हैं।  
-बकुल वैद्य


सौंदर्य और विलास के आवरण में महत्त्वाकांक्षा उसी प्रकार पोषित होती है जैसे म्यान में तलवार।
-रामकुमार वर्मा


जिस प्रकार बिना जल के धान नहीं उगता उसी प्रकार बिना विनय के प्राप्त की गई विद्या फलदायी नहीं होती। 
 -भगवान महावी


अकर्मण्यता के जीवन से यशस्वी जीवन और यशस्वी मृत्यु श्रेष्ठ होती है। 
 -चंद्रशेखर वेंकट रमण


सत्य से कीर्ति प्राप्त की जाती है और सहयोग से मित्र बनाए जाते हैं।  


जिस प्रकार जल कमल के पत्ते पर नहीं ठहरता है, उसी प्रकार मुक्त आत्मा के कर्म उससे नहीं चिपकते हैं। 
 --छांदोग्य उपनिषद


कामनाएँ समुद्र की भाँति अतृप्त हैं। पूर्ति का प्रयास करने पर उनका कोलाहल और बढ़ता है। 
-स्वामी विवेकानंद-


जैसे सूर्य आकाश में छुप कर नहीं विचर सकता उसी प्रकार महापुरुष भी संसार में गुप्त नहीं रह सकते।
 -व्यास


पुरुषार्थ से दरिद्रता का नाश होता है, जप से पाप दूर होता है, मौन से कलह की उत्पत्ति नहीं होती और सजगता से भय नहीं होता। 


शासन के समर्थक को जनता पसंद नहीं करती और जनता के पक्षपाती को शासन। इन दोनो का प्रिय कार्यकर्ता दुर्लभ है। 
- पंचतंत्र


ख्याति नदी की भाँति अपने उद्गम स्थल पर क्षीण ही रहती है किंदु दूर जाकर विस्तृत हो जाती है। 
-भवभूति


कुमंत्रणा से राजा का, कुसंगति से साधु का, अत्यधिक दुलार से पुत्र का और अविद्या से ब्राह्मण का नाश होता है।
- विदुर


सारा जगत स्वतंत्रता के लिए लालायित रहता है फिर भी प्रत्येक जीव अपने बंधनो को प्यार करता है।
- श्री अरविंद


बुद्धि के सिवाय विचार प्रचार का कोई दूसरा शस्त्र नहीं है, क्योंकि ज्ञान ही अन्याय को मिटा सकता है।
- शंकराचार्य


खुद के लिये जीनेवाले की ओर कोई ध्यान नहीं देता पर जब आप दूसरों के लिये जीना सीख लेते हैं तो वे आपके लिये जीते हैं।
 - श्री परमहंस योगानंद


सबच्चों को पालना, उन्हें अच्छे व्यवहार की शिक्षा देना भी सेवाकार्य है, क्योंकि यह उनका जीवन सुखी बनाता है। 
 -स्वामी राम सुखदास

Post a Comment

  1. manusya ki sbse badi shakti uska aatmviswas hota hai..akash

    ReplyDelete
    Replies
    1. Thats true..Self confidence can take you places...

      Delete
  2. mehnat karne se daridrata nhi rehti

    ReplyDelete
    Replies
    1. thats true..Chanakya ne sach hi kaha hai ki Mehanati log kabhi garib nahi ho sakte..

      Delete
  3. it's very rejuvanated and life following quotes.i became wonder to read these quotes. Thanks you

    ReplyDelete
    Replies
    1. Most welcome..Keep visiting for fabulous posts in future..

      Delete
  4. ACCHA INSAN WOH JO.JISKE SOONCH ACCHI HOTI.BADE WOH JISKI SOONCH BADI

    ReplyDelete
  5. nice thought

    ReplyDelete
  6. महान विचारों को पढने से कुछ नहीं होता ,उन्हें जीवन में धारण करना महान बनने का कारण बनता है

    ReplyDelete
  7. jarui nahi hai

    ReplyDelete
  8. kya vastav ye kathan sahi hai

    ReplyDelete
  9. सभी महापुरुषोँ ने अपने जीवन के अनुभवोँ एवं विचारोँ को प्रकट किया है। जो कि सर्वथा सत्य है।

    ReplyDelete
  10. सभी महापुरुषोँ ने अपने जीवन के अनुभवोँ एवं विचारोँ को प्रकट किया है। जो कि सर्वथा सत्य है।

    ReplyDelete
  11. everyman should have aim which man haven't aim then they are as animal

    ReplyDelete
  12. everyman should have aim which man haven't aim then they are as animal

    ReplyDelete
  13. turely nice website,helped me do my homework and gave me hope for my future
    this is sai srinivas

    ReplyDelete
  14. could u plz increase the size of the font.Its a bit hard for people to read.This small font size gives me an headache

    this is sai srinivas again

    ReplyDelete
    Replies
    1. Hi Sai, Thank you so much for your candid feedback.We have increased the size of fonts across the site. Do let me know if you face any other problem.

      Delete

 
Top