[ Hindi Story ]राष्ट्रपति हर्बर्ट हुवर और पोलैंड के महान संगीतकार पेद्रेवस्की से जुड़ा प्रेरक प्रसंग |

hindi inspirational story about American president Herber Hoover and Polish Musician and composer Ignacy Jan Paderewski.

अमेरिकी राष्ट्रपति हर्बर्ट हुवर और पोलैंड के महान संगीतकार पेद्रेवस्की से जुड़ा एक बेहतरीन प्रेरक प्रसंग प्रकाशित कर रहा हूँ। उम्मीद करता हूँ आपको भी ये कथा जीवन के कुछ पाठ पढ़ाएगी। 

यह मार्मिक घटना है तो 1874 की, पर उसका समापन बड़े नाटकीय ढंग से 1930 में हुआ।
विश्वविख्यात संगीतकार पोलैंड निवासी पेड्रेवस्की अमेरिका की यात्रा पर थे। उनकी यात्रा का उद्देश्य था संगीत आयोजनों में भाग लेना। हर बार उनके कार्यक्रम का आयोजक बनने के लिए प्रतिस्पर्द्धा सी रहती थी। इस बार उनने एक साधारण लोहार के युवा बालक को यह जिम्मेदारी सौंपी।

भाव तो यही था कि इस बहाने इसकी कुछ मदद हो जाएगी, किंतु प्रतिद्वंद्वियों की कुचालों के कारण कम टिकट बिक, कम व्यक्ति आए। कार्यक्रम समापन के बाद वह प्रसिद्ध संगीतकार से मिलने आया। उसे आयोजन की फीस देनी थी।
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सामान्यतः पेड्रेवस्की के हर कार्यक्रम में आठ-दस हजार डॉलर आरंभ में एकत्र हो जाते थे। इसमें दो हजार आयोजक को मिलते थे, किंतु यहाँ तो इतने श्रम के बावजूद दुरभिसंधियां खेल रच गईं और वह मात्र तीन हजार डॉलर ही अर्जित कर पाया। वही राशि वह देने आया था।

वयोवृद्ध संगीतकार ने पूछा- “बाकी राशि नहीं मिली तो हॉल का किराया आदि कैसे चुकाओगे।” निराश युवक बोला- “किसी तरह परिश्रम कर कुछ वर्षों में चुका दूँगा।”

पेड्रेवस्की ने कहा- “सुनो! निराश मत होओ। यह राशि और लो। हॉल का किराया चुकाओ और नया धंधा शुरू करो।” 

उनने इतनी राशि उसे और दे दी। बार-बार एहसानों से झुका अश्रु भरे नेत्रों से प्रणाम कर वह चला गया।

एक ही सीख याद रही, तुम भी संवेदनशील बनना। औरों की मदद करना।

काल-प्रवाह आगे बढ़ा। यह युवक अमेरिका का राष्ट्रपति बना, जिसे लोगों ने हर्बर्ट हूबर के रूप में जाना गया। 

1930 की विश्वव्यापी मंदी में जब यूरोपीय राष्ट्र अमेरिका का ऋण नहीं चुका पा रहे थे, तब पोलैंड के संगीतकार पेड्रेवस्की को याद कर राष्ट्रपति हर्बर्ट हूबर ने दस करोड़ डॉलर की राहत राशि पोलैंड सहित अन्य राष्ट्रों को प्रदान की। हूबर को इस कार्य के लिए याद किया जाता है। उनने एक ही बात कही- “मैं आज जो भी हूँ, उस ख्यातिनामा संगीतकार के कारण हूँ। मैंने तो ऋण चुकाया भर है।”

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