प्रेरक प्रसंग - लक्ष्य के प्रति एकनिष्ठ रहना बहुत बड़ा सद्गुण है - महाभारत की कथाएं !!

Another incredible story taken from the tales of Mahabharata about concentrating on your goals. Faithfulness towards your goad is the best quality.

प्रेरक प्रसंग, महाभारत की कथाएं,mahabharata stories

महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ। कौरव तो सभी युद्ध में मारे जा चुके थे। पाण्डव भी कुछ समय तक राज्य करके हिमालय पर चले गये। वहाँ पर एक, एक करके सभी भाई गिर गये। अकेले युधिष्ठिर अपने एक मात्र साथी कुत्ते के साथ बचे रहे और वे स्वर्ग गये।  

कहते हैं युधिष्ठिर जीवित ही स्वर्ग में गये थे। वहाँ उन्होंने स्वर्ग और नरक दोनों को देखा। स्वर्ग में प्रवेश करते ही दुर्योधन दिखाई दिया। अपने भाइयों से भी उनका सामना हुआ। रास्ते में अन्य भाइयों को गिरते समय प्रश्न करने वाले भीम के मन में यहाँ भी जिज्ञासा उठी पूछा “भैया! दुष्ट दुर्योधन तो आजीवन अनीति का ही पक्ष लेता रहा। उसने अपने पूरे जीवन में कोई धर्म कार्य नहीं किया जिसके पुण्य से उसे स्वर्ग मिला हो। क्या ईश्वर के न्याय में भी अंधेरगर्दी है”?

[ads-post]
नहीं भीम! ईश्वरीय विधान के अनुसार प्रत्येक पुण्य का परिणाम चाहे वह किंचित ही क्यों न हो, स्वर्ग मिलता है। सभी बुराइयों के होते हुए भी दुर्योधन में एक सद्गुण था जिसके प्रसाद स्वरूप उसे स्वर्ग में स्थान प्राप्त हुआ है।

वह क्या- भीम ने पूछा। वह अपने संस्कारों के कारण जीवन को सही दिशा भले ही न दे सका हो परंतु उसका मार्ग अवश्य सही था। वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने लिये तन्मयतापूर्वक जुटा रहा। ध्येय के प्रति एकनिष्ठ रहना बहुत बड़ा सद्गुण है। इस सद्गुण के पुण्य के परिणाम स्वरूप कुछ समय के लिए उसे स्वर्ग में स्थान मिलना उचित था।   

महाभारत से उल्लेखित अन्य कहानियों को भी पढ़ें :

  1. महाभारत की अद्भुत कथाएं - नैतिक मूल्यों का संरक्षण हर हालत में होना ही चाहिये!!
  2. महाभारत की अद्भुत कथाएं - दो मुद्राओं का कमाल !!
  3. किन परिस्थितियों में व्यक्ति को नींद नहीं आती - विदुर नीति || Mahabharata Stories-Vidur Neeti
  4. परीक्षित का जीवन मोह | महाभारत की अद्भुत कहानियाँ [Mahabharat Stories In Hindi]
  5. भीष्म पितामह और शरशैया | महाभारत की कथाएं | Incredible Stories From Mahabharata
  6. वीर कर्ण की नीति निष्ठां । महाभारत की कथाएं | Incredible Stories From Mahabharata
  7. अर्जुन का अहंकार | Mahabharata Stories
  8. विद्वत्ता और उदारता जितनी सराहनीय है,अहंकारिता और जल्दबाजी उतनी ही हानिकर है| Great Moral Hindi Stories
हिंदी प्रेरक कहानियों का विशाल संग्रह भी पढ़ें!

सर्वश्रेष्ठ प्रेरक और शिक्षाप्रद हिंदी कहानियाँ - Collection Of Most Inspirational Hindi Stories!!

P.S. अगर आप भी अपनी रचनाएँ(In Hindi), कहानियाँ (Hindi Stories), प्रेरक लेख(Self -Development  articles in Hindi ) या कवितायेँ लाखों लोगों तक पहुँचाना चाहते हैं तो हमसे nisheeth[dot]exe@gmail[dot ]com  पर संपर्क करें !!

COMMENTS

BLOGGER: 2
आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! अपनी प्रतिक्रियाएँ हमें बेझिझक दें !!

Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE खोजें ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content